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Chiku ka Homework

Chiku ka Homework | चीकू का होमवर्क

कहानी 'चीकू का होमवर्क'

चीकू एक अच्छा लड़का था और सभी उसे बहुत पसंद करते थे, बस एक ही आदत उसमें खराब थी कि वह बहुत आलसी भी था इसलिए जब भी उसे कोई मेहनत का काम करना होता था तो वह बहुत ही बहाने बनता था

जब भी चीकू को अपना होमवर्क करना होता था और वह जब भी होमवर्क करने बैठता था यही सोचने लगता था कि यह तो मैं पूरे दिन में कभी भी कर लूंगा अभी मैं पहले खेल लेता हूं। चीकू की मां भी जब चीकू को अपना होमवर्क करने के लिए कहती तो वह कोई न कोई बहाना बनाकर अपनी मां की बात को टाल देता था।

चीकू की माँ उसे पूरा दिन होमवर्क करने के लिए ध्यान दिलाती रहती थी पर वह यह सोच-सोच कर अपनी मां की बात को टाल देता था कि वह शाम को होमवर्क पूरा कर लेगा, जब भी चीकू की मां उसे होमवर्क के लिए याद दिलाती वह यह कह कर टाल दिया करता था कि मां अभी मैं बहुत थक गया हूं थोड़ी देर बाद में जरूर कर लूंगा।

अपना होमवर्क करने में चीकू पूरा-पूरा दिन लगा दिया करता था क्योंकि वह होमवर्क को यह सोच कर सबसे पीछे रखा करता था कि यह मैं बाद में करूँगा, फिर जब उसका होमवर्क पूरा नहीं हो पाता था तो वह स्कूल में जाने से भी कतराने लगता था।

होमवर्क न हो पाने पर चीकू झूठी कहानियां बनाकर अपनी अध्यापिका को भी मूर्ख बनाने की कोशिश किया करता था, जब अध्यापिका उससे उसके होमवर्क के बारे में पूछती थी तो वह झूठी कहानियां बना कर अपनी अध्यापिका को इधर – उधर बहकाने की कोशिश किया करता था।

कभी वह कहता कि मेरी तबियत ख़राब थी कभी मेरी होमवर्क वाली नोटबुक को तो मेरा डॉगी खा गया, इस तरह वह अध्यापिका से होमवर्क ना करने के बहाने लगा दिया करता था और होमवर्क करने से बचता फिरता था

अपने बच्चे की इस आदत से उसकी मां बहुत परेशान थी और एक दिन उसकी मां ने सोचा कि इसकी यह आदत बहुत ही ज्यादा बढ़ती ही जा रही है इसलिए उन्होंने इस बारे में बात करने के लिए चीकू की कक्षा अध्यापिका से मिलने का फैसला किया

अगले दिन चीकू की माँ उसकी अध्यापिका से मिलने स्कूल पहुंच गई और फिर उनसे मिलकर उन्होंने चीकू की सारी आदतों को अध्यापिका को बताया, वह बड़ी परेशान होकर अध्यापिका से बोलीं ‘ मैं चीकू से कितनी भी बार कहूँ पर वह मेरे कहने पर भी अपना होमवर्क अच्छे से पूरा नहीं करता है’।

यह सुनकर अध्यापिका ने उनसे कहा ‘देखिये आप परेशान ना हो, हम कोई ऐसा रास्ता जरूर निकालेंगे जिससे चीकू अपना होमवर्क रोज टाइम से पूरा किया करेगा’, आप निश्चिंत होकर घर जाइये मै चीकू की इस आदत को सुधारने के लिए कल ही कुछ करती हूँ

अगले दिन कक्षा अध्यापिका ने सभी बच्चों से कहा ‘प्यारे बच्चों, प्रिंसिपल मैडम ने तुम सब बच्चों को बागवानी करने के लिए स्कूल के सबसे अच्छे बगीचे में बुलाया है’, यह सुनकर कक्षा के सभी बच्चे काफी खुश हो गए और उतावले होकर अध्यापिका से पूछने लगे ‘हम बागवानी करने के लिए बगीचे में किस समय जाएंगे’।

चीकू भी बागवानी करने के लिए बगीचे में जाने की बात सुनकर बहुत ही खुश हुआ क्योंकि उसे भी फूलों के पौधों और बगीचे में जाने का बहुत ज्यादा शौक था, वह भी सब बच्चों के साथ मिलकर बहुत खुश हो रहा था।

बच्चों के पूछने पर अध्यापिका ने कहा ‘अभी जाएंगे बच्चों लेकिन जिस – जिस बच्चे ने आज अपना होमवर्क पूरा किया होगा सिर्फ उसी को बागवानी करने के लिए बगीचे में जाने दिया जाएगा, जिस बच्चे ने होमवर्क नहीं किया होगा वह मेरे साथ यहीं कक्षा में बैठेगा और अपने होमवर्क को पूरा करेगा’।

अध्यापिका की यह बात सुनकर चीकू बहुत परेशान हो गया और सोचने लगा ‘मैंने तो अपना काम नहीं किया, अब मैं बागवानी करने के लिए बगीचे में नहीं जा पाऊंगा’, वह थोड़ा निराश होकर अध्यापिका के पास जाकर कहने लगा ‘मैंने तो आज अपना होमवर्क नहीं किया है, क्या आप मुझे बागवानी करने के लिए बगीचे में जाने देंगे’।

इस पर अध्यापिका उससे कहने लगी ‘बेटे, प्रिंसिपल मैम ने कहा है कि जिसने होमवर्क पूरा किया हो बागवानी करने के लिए केवल उसी को भेजा जाए और आप तो जानते हो की हम सभी को प्रिंसिपल मैम के कहने के मुताबिक ही चलना पड़ता है’।

अध्यापिका की बात सुनकर चीकू निराश होकर लौट गया और उस दिन पूरी कक्षा में केवल उसको ही बागवानी करने नहीं दी गई क्योंकि बाकी सभी बच्चों का होमवर्क पूरा था इसलिए सभी बच्चों ने बगीचे में जाकर बागवानी की।

चीकू को अपनी अध्यापिका के साथ कक्षा में ही बैठकर अपना पूरा होमवर्क करना पड़ा जिसके बाद वह अपनी अध्यापिका से पूछने लगा ‘मैम मैं बागवानी कब करूंगा क्योंकि मुझे भी बागवानी करना बहुत अच्छा लगता है’।

चीकू की बात सुनकर अध्यापिका मुस्कुराते हुए उससे कहने लगी ‘जब तुम कल अपना होमवर्क पूरा करके लाओगे तो हम सब इकट्ठे बागवानी करने के लिए जा पाएंगे’, यह सब खेल अध्यापिका ने चीकू की होमवर्क ना करने की बुरी आदत को छुड़ाने के लिए ही किया था जो अब बिलकुल कारगर होता लग रहा था।

अध्यापिका के जवाब को सुनकर चीकू बहुत खुश हो गया और उस दिन उसने घर जाकर सबसे पहले अपना होमवर्क पूरा किया जिसे देखकर उसकी माँ भी बेहद खुश हुईं और उसे बहुत सी शाबाशी दी

अगले दिन चीकू अपना होमवर्क सबसे पहले कक्षा में जमा करा देता है और अपनी अध्यापिका से पूछता है ‘मैम आज तो मैंने अपना होमवर्क पूरा किया है, अब हम बागवानी करने कब जाएंगे’, उसका होमवर्क देखने के बाद उसकी अध्यापिका कहती है ‘शाबाश चीकू, तुमने अपना होमवर्क काफ़ी अच्छा किया है, हम अभी कुछ ही देर में बागवानी के लिए जायेंगे।

थोड़ी ही देर बाद अध्यापिका सभी बच्चों को बागवानी करने के लिए ले जाती हैं, अब किसी को भी चीकू को होमवर्क करने के लिए कहने की जरूरत नहीं पड़ती थी। वह अपना होमवर्क बिना कहे ही समय से पूरा करके रखता था और अगले दिन अपनी अध्यापिका को सबसे पहले दिखाता था ।