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Animal Rhymes in Hindi | जीव जंतु

Hathi Aaya
Hathi Aaya | हाथी आया

Hathi Aaya : बालगीत 'हाथी आया' बच्चों के हाथी के प्रति उत्साह को प्रस्तुत करता है कि किस प्रकार हाथी को देखकर बच्चे उत्साहित होते हैं, बच्चों को हाथी का अपनी सूंड को हिलाना और उठाना बहुत ही पसंद होता है जिसे देखकर वह बहुत ही खुश होते हैं ।अगली पंक्तियों में हाथी की धीमी व मनमोहक चाल का उल्लेख किया गया है जो बच्चों व बड़ो को बहुत ही मनमोहक लगती है, हाथी के बड़े बड़े कान जो सजे हुए और भी सुन्दर लगते है जब हाथी उन्हें हिलाता हुआ अपनी मदमस्त चाल में झूमता हुआ चलता है तो सभी को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है ।

Ek Bandar Ne Kholi Dukan
Ek Bandar Ne Kholi Dukan | एक बंदर ने खोली दुकान

Ek Bandar Ne Kholi Dukan : एक बंदर पर केंद्रित मजेदार व रोचक किस्सों की जुगलबंदी को प्रस्तुत करता हुआ बालगीत ‘एक बंदर ने खोली दुकान’ छोटे बच्चों को जहां एक और जंगल के जानवरों व उनके खान-पान से अवगत कराता है वहीं दूसरी ओर दुकान पर होने वाले लेनदेन से भी परिचित कराता है। बालगीत की सुंदर पंक्तियों में अलग अलग जानवरों से प्रेरित किस्से बच्चों में उनके बारे में जानने की उत्सुकता को जागृत करते हैं तथा उनके व्यवहार व खान-पान की आदतों से भी अवगत कराते हैं, बालगीत के केंद्र में बंदर को प्रस्तुत करने से बच्चे उसके प्रति अपने लगाव के कारण भी पंक्तियों से जुड़े रहते हैं तथा कुछ रोचक होने की आस में बालगीत को ध्यान से सुनते हैं।

Do Chuhe The
Do Chuhe The | दो चूहे थे

Do Chuhe The : बालगीत ‘दो चूहे थे’ छोटे बच्चों के बीच गाया जाने वाला एक प्रसिद्ध गीत है जिसे नन्हे मुन्ने बच्चे सुनना व गाना दोनों पसंद करते हैं। सभी बच्चों को चूहे और बिल्ली में होने वाली आपसी नोकझोंक व भागदौड़ काफी पसंद होती है तथा यह उनके बाल मन को बहुत लुभाती है, चूहे व बिल्ली के बीच होने वाली इसी जुगलबंदी को दर्शाता यह बाल गीत स्कूलों के साथ साथ घरों में भी बच्चों व अध्यापिकाओ के द्वारा काफी प्रयुक्त किया जाता है।

Meri Pyari Gaiya
Meri Pyari Gaiya | मेरी प्यारी गैया

Meri Pyari Gaiya : बालगीत ‘मेरी प्यारी गैया’ बच्चों में गाय के प्रति लगाव को बताने के साथ – साथ उसकी उपयोगिता व समाज में उसके लोकप्रिय स्थान से भी अवगत कराता है। भारतीय परिवारों में गाय को मां का दर्जा दिया जाता है तथा प्यार व सम्मान से उसे ‘गाय माता’ के नाम से पुकारने के साथ – साथ बड़े ही चाव से घरों में पाला जाता है, कुछ परिवारों में तो गाय की पूजा भी की जाती है इसलिए बच्चों का भी गाय के प्रति लगाव और भी बढ़ जाता है।गाय के छोटे चंचल बच्चे बच्चों को बहुत अच्छे लगते हैं, उनके साथ खेलना बच्चों को बहुत पसंद होता है।

Bandar Ki Sasural
Bandar ki Sasural | बन्दर की ससुराल

Bandar ki Sasural : बालगीत ‘बंदर की ससुराल’ बच्चों का बहुत ही लोकप्रिय गीत है जिसे बच्चे बहुत ही खुश होकर गाना पसंद करते हैं। इस गीत में एक बंदर के नटखट एवं चंचल स्वभाव को दर्शाया गया है कि कैसे बंदर द्वारा की गयी नटखट भाव भंगिमाओ की नकल उतार कर छोटे बच्चे अपना मन बहलाते है। यह बालगीत बंदर और बंदरिया के अंतरिम प्रेम को भी हास्य व सहजता से दिखाने का एक सुंदर व सफल प्रयास है।

Aaj Mangalwar Hai
Aaj Mangalwar Hai | आज मंगलवार है

Aaj Mangalwar Hai : बालगीत ‘आज मंगलवार है’ एक बहुत ही प्रसिद्ध हिंदी गीत है जिसे गाना छोटे बच्चे काफ़ी पसंद करते हैं। इस बालगीत में कुछ ही पंक्तियों के द्वारा एक चूहे के साथ घटी घटना को बड़े ही मज़ेदार तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस गीत में पर्युक्त दिन मंगलवार को चूहे के बुख़ार से बड़ी सरलता से जोड़ा गया है जो छोटे बच्चो को काफ़ी पसंद आता है और आसानी से याद भी हो जाता है।

Chal Mere Ghode Chal Chal Chal
Chal Mere Ghode Chal Chal Chal | चल मेरे घोड़े चल चल चल

Chal Mere Ghode Chal Chal Chal : नन्हे-मुन्ने बच्चों का पसंदीदा जानवर घोड़ा जितना देखने में आकर्षक लगता है उससे कहीं ज्यादा उसकी सवारी करना उन्हें लुभाता है, खेल-खेल में ना जाने कितनी ही बार छोटे बच्चे अपने बड़ों को घोड़ा बनाकर उनके पीठ की सवारी करते हैं। बालगीत ‘चल मेरे घोड़े चल-चल-चल’ बच्चों को उनके पसंदीदा जानवर घोड़े से ना केवल अवगत कराता है बल्कि उसकी चाल ढाल व सवारी के बारे में भी बताता है।

Bandar Mama Pahan Pajama
Bandar Mama Pahan Pajama | बन्दर मामा पहन पजामा

Bandar Mama Pahan Pajama : बालगीत ‘बंदर मामा पहन पजामा’ बच्चों का बहुत ही लोकप्रिय गीत है जिसे बच्चे बहुत ही खुश होकर सुनना व गाना पसंद करते हैं। इस गीत में एक बंदर के नटखट एवं चंचल स्वभाव को दर्शाने के लिए एक काल्पनिक कहानी का सहारा लेते हुए बताया गया है कि कैसे वह बन्दर पजामा पहन कर बड़े ही शौक से सज-धज कर तैयार होकर दावत खाने जाता है।

Billi Mausi
Billi Mausi | बिल्ली मौसी

Billi Mausi : बालगीत 'बिल्ली मौसी' बच्चों के बिल्ली के प्रति लगाव को दर्शाता है। घरों में यहां-वहां दिखती बिल्ली बच्चों को बहुत अधिक पसंद आती है, बच्चे उसे देखकर खुश होते हैं और प्यार से उसे बिल्ली मौसी के नाम से भी बुलाते हैं। जहाँ एक ओर बिल्ली के अलग-अलग रंग बच्चों को बहुत ही आकर्षित करते हैं वहीँ दूसरी ओर बिल्ली की आंखों के सुंदर - सुंदर रंग बच्चों को बहुत ही प्यारे लगते हैं, बच्चे इनके पीछे घर में इधर उधर भाग कर बहुत ही खुश होकर इनके साथ खेलते हैं।

Hathi Raja
Hathi Raja | हाथी राजा

Hathi Raja : बालगीत ‘हाथी राजा’ बच्चों को इस संसार के सबसे विशाल काया वाले जानवर के बारे में बताता है कि धरती का यह सबसे विशाल जानवर हाथी सभी बच्चों व बड़ों का पसंदीदा जानवर होता है जिसका अपनी विशालकाय काया के साथ अपनी सूंड को हिला-हिलाकर चलना सबका मन मोह लेता है।छोटे बच्चों को रिझाने के लिए इस बालगीत की अंतिम कुछ पंक्तियों में हास्य को भी प्रस्तुत किया गया है जिसमें बच्चें हाथी राजा को अपने घर पर आकर उनके पसंदीदा भोजन मीठे – मीठे गन्ने खाने को आमंत्रित कर रहे हैं।

Natkhat Chuha
Natkhat Chuha | नटखट चूहा

Natkhat Chuha : बालगीत ‘नटखट चूहा’ बच्चों के बहुत ही लोकप्रिय गीतों में से एक है जिसे वे बड़े ही मन से गाते व सुनाते हैं। इस गीत में एक चूहे के नटखट स्वभाव को दिखाते हुए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि चूहा स्वाभाव से बहुत ही चंचल व शरारती होता है तथा घर में इधर-उधर कूदता हुआ बहुत ही नटखट प्रतीक होता है। इस गीत में चूहे को बच्चों से जोड़ते हुए दर्शाया गया है कि कैसे चूहे बच्चों की तरह घर में कूदते, भागते शोर मचाते हुए बच्चो बड़े प्यारे लगते है। किस तरह से घर में इधर -उधर भाग कर तथा अपनी पूंछ को हिला कर बच्चों के मन को भाते हैं।

Chuhiya Rani
Chuhiya Rani | चुहिया रानी

Chuhiya Rani : बालगीत ‘चुहिया रानी’ बच्चों का बहुत ही मनभावन गीत है, इस गीत को बच्चे बहुत ही प्यार से गाते हैं। इस गीत में यह दर्शाने की कोशिश की गई कि कैसे एक छोटी सी चुहिया महारानी की तरह घर में इधर-उधर घूमते हुए अपना समय बिताती है और फिर भूख लगने पर किस तरह घर की कोई भी चीज कुतर कर अपना पेट भरती है।

'जीव जंतुओं के बालगीत' पर आधारित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर : जीव जंतुओं के बालगीत छोटे बच्चों को बहुत ही आकर्षित करते हैं क्योंकि बच्चे अपने आस-पास जीव जंतुओं को देख कर ही बड़े होते हैं जिसके कारण उनके मन में जीव जंतुओं के प्रति एक जिज्ञासा उत्पन्न हो जाती है। जब उनको जीव जंतुओं के बालगीत सुनाये जाते हैं तो यह बालगीत उनकी जिज्ञासा का समाधान करते हुए उनके चेहरे पर ख़ुशी ले आते है, इसलिए बच्चे इन बालगीतों को कभी नहीं भूल पाते और इस तरह ये बालगीत बच्चों के जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाते हैं।

उत्तर :  जीव जंतुओं के बालगीत बच्चों को बहुत ही आकर्षित करते हैं क्योंकि बच्चों का जीव जंतुओं के साथ बहुत सरोकार होता है। जैसे की बहुत से लोगों के घरो में पालतू जानवरों को भी पाला जाता हैं और कुछ ही समय में वह जानवर उनके दिलो में एक खास जगह बना लेता है, ऐसे घरो में बच्चे जब जीव जंतुओं के बालगीत सुनते है तो स्वाभाविक रूप से अपने आप उन बालगीतों की तरफ आकर्षित हो जाते है।

उत्तर :  जीव जंतुओं के बालगीत बच्चों को जीव जंतुओं की विभिन्न प्रकार की आदतों से अवगत कराते हैं जैसे कि जीव जंतु किस तरह की आवाज़ निकालते हैं, जीव जंतुओ का चलने का तरीका प्रायः किस तरीके का होता हैं, जीव जन्तुओ को खाने में सबसे ज्यादा क्या प्रिय होता हैं, किस प्रकार के जीव जंतु कहाँ पाए जाते हैं। इस प्रकार के अनेको प्रश्न जो उनके मस्तिष्क में जगह बना चुके होते हैं उनका उत्तर बच्चों को बड़ी ही सहजता से बालगीत में मिल जाता है जिसे पाकर वह बहुत ही प्रसन्न हो उठते हैं।

उत्तर : जीव जंतुओं के बालगीत बच्चों के मन से जीव जंतुओं के प्रति बच्चों के डर को निकाल देते हैं क्योकि यह बालगीत उनकी छोटी छोटी आदतों, आवाजों, व रहन सहन से परिचित कराते हैं जिससे बच्चे उनके बीच रहने पर उनकी विभिन्न आदतों को समझने लगते है और उनके अंतर्मन से जीव जन्तुओ के प्रति डर निकल जाता है।

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