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Suraj

Suraj | सूरज

बालगीत सूरज में बच्चों को सूरज के महत्व को समझाया गया है की किस प्रकार सूरज अपने नियत समय पर आकर अपनी किरणों को फैलाकर संसार का अंधकार मिटा सभी ओर उजाला फैलाता है और फिर शाम को अपनी किरणों को धीरे-धीरे समेट कर छिप जाता है। शाम के समय जब सूरज अपनी किरणों को समेटता है तो जाते –जाते भी अपने आस –पास लाल रंग की लालिमा को चारों ओर बिखेरता हुआ जाता है जो एक बहुत ही मनमोहक दृश्य होता है जिसे देख कर लोग बहुत शांति व ख़ुशी महसूस करते हैं।

अगली कुछ पंक्तियों में सूरज की प्रसंशा की गई है की किस तरह सारा दिन खुद को जला कर भी वह लोगो के काम आता है और अपने प्रकाश से सभी के जीवन को सुखद बनता है और उसके बदले में किसी से कुछ नहीं मागता है। हिन्दू धर्म में तो सूरज को देवता का रूप माना गया है और बड़ी ही श्रद्धा से उगते व ढलते दोनों रूपों में सूरज की पूजा भी की जाती है।

 

अंतिम पंक्तियों में कहा गया है कि किस प्रकार सूरज पूरा जीवन दूसरों की सेवा में लगाते हुए कभी किसी से कुछ नहीं मागता और यह समझाने की कोशिश की गई है कि जीवन का आनंद इसी में है की हम भी सदा दूसरों के काम आ सके।

 

‘सूरज बालगीत के बोल

रोज सुबह को सूरज आकर,

सबको सदा जगाता है ।

शाम हुई लाली फैलाकर,

अपने घर को जाता है ।

दिनभर खुद को जला-जलाकर,

यह प्रकाश फैलाता है ।

उसका जीवन ही जीवन है,

जो काम सभी के आता है ।

  

‘Suraj’ Lyrics in English

Roj subah ko suraj aakar,

Sabako sada jagata hai.

Shaam hui laali failakar,

Apne ghar ko jata hai.

Dinbhar khud ko jala-jalakar,

Ye prakash failata hai.

Usaka jeevan hi jeevan hai,

Jo kaam sabhi ke aata hai.

 

‘Suraj’ English Translation

Every morning the sun comes,

Always wakes up everyone,

In the evening spread redness,

And goes to his house,

Burning throughout the day,

His life is life,

Whose work belongs to everyone.