RhymesLyrics

Bollywood Songs | फ़िल्मी गाने

Hum Honge Kamyab
Hum Honge Kamyab | हम होंगे कामयाब

Hum Honge Kamyab : गीत ‘हम होंगे कामयाब’ मूलतः एक सकारात्मक प्रेरणादायक गीत है जिसे हम अक्सर अपने आसपास सुनते रहते हैं, खासतौर से बच्चों से जुड़े हुए आयोजनों व समारोह में इस गीत का गायन पूरे माहौल को एक सकारात्मक सोच व एकजुटता से भर देता है। यह गीत एक सुप्रसिद्ध अमेरिकन गीत ‘We Shall Overcome’ का गिरिजा कुमार माथुर द्वारा किया गया हिंदी अनुवाद है, इसका मूल गीत 20 वीं सदी का एक बहुत ही प्रसिद्ध व पुराना प्रतिरोधात्मक गीत है जिसे चार्ल्स अल्बर्ट टिंडले द्वारा सन 1900 में पहली बार गाया व प्रकाशित किया गया था।

Nanha Munna Rahi Hoon
Nanha Munna Rahi Hoon | नन्हा मुन्ना राही हूँ

Nanha Munna Rahi Hoon : फिल्म ‘सन ऑफ़ इंडिया’ का बालगीत ‘नन्हा मुन्ना राही हूँ’ छोटे बच्चों को देशभक्ति की भावना से प्रेरित व प्रोत्साहित करने का अच्छा स्रोत है। जीवंतता, जोश, प्रगति, तथा राष्ट्र के प्रति समर्पित होने की भावना से ओतप्रोत यह गीत बच्चों के लिए एक आदर्श है।गीतकार शकील बदायूनी द्वारा लिखित इस गीत को संगीतकार नौशाद ने संगीतबद्ध किया है तथा गायक शांति माथुर ने इसे अपनी आवाज से सजाया है, देश के सैनिकों की वर्दी पहने छोटे बच्चे जब इस गीत को अपनी मधुर आवाज में लयबद्ध होकर विभिन्न गतिविधियों के साथ गाते हैं तब सारा वातावरण जोश व देशभक्ति की भावना से भर उठता है।

Ae Watan Watan Mere
Ae Watan Watan Mere | ऐ वतन वतन मेरे

Ae Watan Watan Mere : फिल्म ‘राज़ी’ का देशभक्ति गीत ‘ऐ वतन वतन मेरे’ देश के प्रति प्रेम व त्याग की भावना को प्रस्तुत करने का एक उत्कृष्ट माध्यम है, बहुत ही संतुलित व सरल शब्दों में पिरोए हुए इस गीत की छोटी-छोटी पंक्तियां बहुत ही गहराई से अपनी बातों तथा भावनाओं को गाने व सुनने वालों के दिलों तक पहुंचाने में पूरी तरह सक्षम है। मशहूर गीतकार गुलज़ार द्वारा लिखा गया यह गीत संगीतकार जोड़ी शंकर-एहसान-लॉय द्वारा संगीतबद्ध है, सुप्रसिद्ध युवा गायक अरिजीत सिंह व गायिका सुनिधि चौहान की मधुर आवाज से सजा यह गीत निश्चित ही एक अनुपम देश भक्ति रचना है।

Nani Teri Morni Ko
Nani Teri Morni Ko | नानी तेरी मोरनी को

Nani Teri Morni Ko : सन 1960 में प्रदर्शित फिल्म ‘मासूम’ का बालगीत ‘नानी तेरी मोरनी को’ एक बहुत ही प्रसिद्ध व पुराना बालगीत है जिसे सभी बच्चे आज के समय में भी उतने ही उत्साह से सुनना व गाना पसंद करते हैं। गीतकार शैलेंद्र द्वारा लिखे गए इस गीत को संगीतकार हेमंत कुमार ने संगीतबद्ध किया है तथा गायिका रानू मुखर्जी ने इसे गाया है। यह बालगीत एक छोटी बच्ची का अपनी नानी के साथ वार्तालाप है जिसमें वह किसी बात पर रूठी हुई अपनी नानी को मनाने की कोशिश कर रही है।

Aao Bachcho Tumhe Dikhaye
Aao Bachcho Tumhe Dikhaye | आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं

Aao Bachcho Tumhe Dikhaye : देश की आज़ादी के 7 साल बाद सन 1954 में प्रस्तुत डायरेक्टर सत्यन बोस की फ़िल्म 'जागृति' का गीत 'आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की' बच्चों को अपने राष्ट्र की अनुपम बलिदान गाथा से अवगत कराता है। इस गीत में बड़े ही उत्कृष्ट तरीके से देश के हर कोने से जुड़ी देशभक्ति की घटनाओ और उनसे जुड़े देशभक्तों के बलिदानों को बच्चो के प्रति पेश किया गया है।

Re Mama Re Mama Re
Re Mama Re Mama Re | रे मामा रे मामा रे

Re Mama Re Mama Re : हिंदी फिल्म ‘अंदाज़’ का बालगीत ‘रे मामा रे मामा रे’ एक बहुत ही सुप्रसिद्ध व रोचक गीत है जिसे सभी बच्चे सुनना व गाना पसंद करते हैं, काफी पुराना होने के बावजूद भी यह गीत आज के जमाने में भी उतना ही प्रासंगिक है जिसकी वजह से इसकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। अपने जमाने के सुप्रसिद्ध गायक मोहम्मद रफी द्वारा गाया गया यह गीत अभिनेता शम्मी कपूर के द्वारा फिल्माया गया है जिससे इसकी जीवंतता व लोकप्रियता अनुपम बन पड़ी है।

Bharat Humko Jaan Se Pyara Hai
Bharat Humko Jaan Se Pyara Hai | भारत हमको जान से प्यारा है

Bharat Humko Jaan Se Pyara Hai : फिल्म रोजा का गीत ‘भारत हमको जान से प्यारा है’ सभी धर्म, राज्यों व विभिन्न भाषाओं के जनमानस को बोध कराता है कि हम सभी अपनी तमाम विषमताओं के बावजूद भी एक हैं और हमारा यह देश पूरे विश्व में सबसे न्यारा व प्यारा है। बहुत ही सरल शब्दों के साथ साथ शांत व मधुर संगीत से सजा यह गीत जहां एक और हमें देशभक्ति की भावना से भर देता है वहीं दूसरी ओर दिल को भी बहुत सुकून व शांति प्रदान करता है जिस वजह से यह देश भक्ति के गिने-चुने मधुर गीतों में से एक है।

Dadi Amma Dadi Amma Maan Jao
Dadi Amma Dadi Amma Maan Jao | दादी अम्मा दादी अम्मा मान जाओ

Dadi Amma Dadi Amma Maan Jao : नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा अपनी रूठी हुई दादी अम्मा को मनाने पर आधारित हिंदी फिल्म ‘घराना’ का बालगीत ‘दादी अम्मा दादी अम्मा मान जाओ’ एक बहुत ही लोकप्रिय व मज़ेदार गीत है, काफ़ी लंबे समय से लगातार सुना जा रहा यह गीत आज के जमाने में भी उतना ही प्रासंगिक तथा बच्चों के मन को लुभाने में सक्षम है। गीतकार शकील बदायूंनी द्वारा लिखा गया यह गीत संगीतकार रवि शंकर शर्मा द्वारा निर्देशित है, प्रसिद्ध गायिका आशा भोंसले की आवाज ने इस गीत को जैसे चार चांद लगा दिए हैं जिससे यह हर किसी के मन को लुभा लेता है।

Hum Bhi Agar Bachche Hote
Hum Bhi Agar Bachche Hote | हम भी अगर बच्चे होते

Hum Bhi Agar Bachche Hote : अपने बचपन में वापस लौट जाने की चाहत शायद सभी के मन के किसी कोने में छुपी होती है तथा यह चाहत उस समय अपने चरम पर होती है जब हम बच्चों को अपने जन्मदिन पर खुशी से सराबोर हुए अपने मन की सारी अठखेलियां करते हुए देखते हैं। मानव मन की इसी चाहत पर केंद्रित सन 1964 में प्रदर्शित हिंदी फिल्म ‘दूर की आवाज’ का बालगीत ‘हम भी अगर बच्चे होते’ किशोरों से लेकर बड़ी उम्र के सभी लोगों को ना केवल लुभाता है बल्कि अपने मन की इस चाहत को कुछ देर के लिए जी लेने की प्रेरणा भी देता है।

Insaaf Ki Dagar Pe
Insaaf Ki Dagar Pe | इन्साफ़ की डगर पे

Insaaf Ki Dagar Pe : फिल्म ‘गंगा जमुना’ (1961) का गीत ‘इंसाफ की डगर पे’ बच्चों को न्याय व सच्चाई के पथ पर अडिग रहते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। गीतकार शकील बदायूँनी द्वारा रचित तथा संगीतकार नौशाद अली के द्वारा संगीतबद्ध इस गीत को गायक हेमंत कुमार ने अपनी आवाज से सजाया है। इस अनुपम गीत में बच्चों को समझाया गया है कि यह भारत देश तुम्हारा अपना देश है जिसके आने वाले भविष्य व नेता तुम ही हो, तुम्हें हमेशा सच्चाई के पथ पर चलकर देश के भविष्य को सुरक्षित व उन्नत बनाना है।

De Di Humme Azadi
De Di Hame Azadi | दे दी हमें आज़ादी

De Di Hame Azadi : महात्मा गांधी जी एक युग पुरुष थे जिनके प्रति पूरा विश्व आज भी आदर सम्मान की भावना रखता है। गांधीजी ने अंग्रेजों से देशवासियो के संघर्ष को प्रकट करने के लिए सत्याग्रह को अपना प्रमुख अस्त्र बनाया, वे अपनी सादगी भरी जिंदगी और उच्च विचारो के कारण अनेक लोगों के प्रेरणास्त्रोत बने। डायरेक्टर सत्यन बोस की फ़िल्म 'जागृति' का गीत ‘दे दी हमें आज़ादी' बच्चों को अपने राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी की भारत को आजाद करने के लिए निभाई गयी महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराता है।

Chanda Hai Tu Mera Suraj Hai Tu
Chanda Hai Tu Mera Suraj Hai Tu | चंदा है तू मेरा सूरज है तू

Chanda Hai Tu Mera Suraj Hai Tu : फिल्म आराधना (1969) का सुप्रसिद्ध लोरी गीत ‘चंदा है तू मेरा सूरज है तू’ एक ऐसा गीत है जिसे शायद हर सुनने वाले ने कई बार दोहराया जरूर होगा, गीतकार आनंद बक्शी द्वारा लिखा गया यह गीत संगीतकार एस डी बर्मन द्वारा संगीतबद्ध किया गया है। गायिका लता मंगेशकर की बेहद सुरीली आवाज से सजा यह गीत इसे सुनने वाली हर मां के ह्रदय की गहराइयों को छू लेने की काबिलियत रखता है।

Chanda Chamke Cham Cham
Chanda Chamke Cham Cham | चंदा चमके चम चम

Chanda Chamke Cham Cham : हिंदी फिल्म ‘फ़ना’ का गीत ‘चंदा चमके चम चम’ छोटे बच्चों को खेल खेल में हंसाने तथा कुछ जटिल पंक्तियों के उच्चारण (टंग ट्विस्टर) को सीखने व दोहराने का मौका देता है। छोटे बच्चों के लिए इन पंक्तियों के स्पष्ट उच्चारण को सीखने का भी अपना अलग ही महत्व है जिससे ना केवल उनकी वाकपटुता बढ़ती है बल्कि इन्हें अपने मित्रों व अन्य लोगों के बीच दोहराने से उनका आत्मविश्वास भी कई गुना बढ़ जाता है।

Ae Watan Ae Watan Humko Teri Kasam
Ae Watan Ae Watan Humko Teri Kasam | ऐ वतन ऐ वतन हमको तेरी क़सम

Ae Watan Ae Watan Humko Teri Kasam : शहीद-ए-आजम भगत सिंह पर 1965 में बनी फिल्म ‘शहीद’ का गीत ‘ऐ वतन ऐ वतन हमको तेरी कसम’ देशभक्ति को समर्पित गीतों में सर्वश्रेष्ठ है जो आज भी गाने वालों व उसे सुनने वालों के दिलों में राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत कर उन्हें जोश से भर देता है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि पर अमर शहीद भगत सिंह के साथी बटुकेश्वर दत्त द्वारा लिखी गई कहानी पर आधारित यह फिल्म देश भक्ति की सबसे प्रामाणिक व सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में एक है, शहीद रामप्रसाद बिस्मिल के गीतों से सजी यह फिल्म 13वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फिल्म व राष्ट्रीय एकता पर बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार अपने नाम कर चुकी है।

Yashoda Ka Nandlala
Yashoda Ka Nandlala | यशोदा का नंदलाला

Yashoda Ka Nandlala : ‘यशोदा का नंदलाला’ लोरी गीत सन 1985 में प्रदर्शित फिल्म ‘संजोग’ में प्रस्तुत किया गया था, गीतकार अंजान द्वारा रचित इस अनुपम गीत को सुप्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर ने गाया है तथा संगीतकार लक्ष्मीकांत – प्यारेलाल ने इसे संगीतबद्ध किया है। गीत की सुंदर पंक्तियों में माता यशोदा के अपने लाल कृष्ण के प्रति अटूट प्रेम को दर्शाने का एक सफल प्रयास किया गया हैं, अपने लाल कृष्ण के प्रति वात्सल्य प्रेम में डूबी यशोदा माता उनके वैभव का गान करती हुई बहुत ही आनंद का अनुभव करती प्रतीत हो रही हैं जिन्हें सुनकर मन आनंदित हो उठता है, छोटे बच्चों को सुलाने में लोरी के साथ-साथ भगवान् कृष्ण की माता यशोदा के भावों से ओतप्रोत यह गीत निश्चित ही सभी माताओं का पसंदीदा गीत है।

Saat Samundar Paar Se | सात समुंदर पार से

Saat Samundar Paar Se : बालगीत ‘सात समुंदर पार से’ में एक बच्ची व उसके प्यारे पापा के बीच के रिश्ते को दर्शाया गया हैं जिसमें यह छोटी बच्ची अपने पापा से बाज़ार से अपने लिए एक गुड़िया लाने की मांग कर रही है। वह कह रही है की पापा आप गुड़ियो के बाज़ार से मेरे लिए एक प्यारी सी गुडिया ज़रूर लाना लेकिन यह कहते - कहते वह अपने पापा से यह भी कहती है की पापा आप जल्दी वापस आना अगर गुड़िया लाने में ज्यादा देर लगे तो कोई बात नहीं आप गुड़िया कभी और ले आना पर पापा आप घर जल्दी आना फिर हम खूब खेलेंगे।

Jahan Daal Daal Par
Jahan Daal Daal Par | जहाँ डाल डाल पर

Jahan Daal Daal Par : भारत देश के महान गौरव, समृद्धि व स्वाभिमान के बारे में बतलाता फिल्म ‘सिकंदर-ए-आजम’ (1965) का गीत ‘जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा’ निश्चित ही एक ऐसा गीत है जिसे सुनकर हृदय अपने देश के गौरवशाली इतिहास तथा महान संस्कृति के बारे में जान कर गर्व से भर उठता है। गीतकार राजेंद्र कृष्ण द्वारा लिखे गए इस गीत का संगीत संगीतकार हंसराज बहल ने दिया है तथा सुप्रसिद्ध गायक मोहम्मद रफी ने इसे अपनी आवाज से सजाया है। भारत देश की गौरवशाली शान को बखान करने वाले कुछ गिने-चुने सर्वोत्तम गीतों में यह गीत अपना एक अहम स्थान रखता है।

Lalla Lalla Lori
Lalla Lalla Lori | लल्ला लल्ला लोरी

Lalla Lalla Lori : बालगीत ‘लल्ला लल्ला लोरी’ कुछ पुराना मगर नन्हें-मुन्ने बच्चों का बहुत ही लोकप्रिय गीत है जिसे सभी छोटे बच्चे आज भी बहुत ही खुश होकर बार-बार सुनना व गाना पसंद करते हैं, इस गीत में दर्शाया गया है कि कैसे एक छोटा बच्चा दूध पीते समय आनाकानी करते हुए माँ को अपनी नटखट लीलाए दिखाता है। हर छोटे बच्चे के नटखट एवं चंचल स्वभाव से मेल खाता यह गीत अनायास ही एक बच्चे के मन को लुभा लेता है।

Chhodo Kal Ki Baatein
Chhodo Kal Ki Baatein | छोड़ो कल की बातें

Chhodo Kal Ki Baatein : फिल्म ‘हम हिंदुस्तानी’ का गीत ‘छोड़ो कल की बातें’ भारतवर्ष के लोगों को भूतकाल की नकारात्मकता को पीछे छोड़कर एक नए जोश व उमंग के साथ भविष्य की ओर अग्रसर होने को प्रेरित करता है, नई पीढ़ी को आत्मविश्वास तथा सकारात्मकता का मंत्र देता यह गीत जहां उन्हें अभी तक हो चुके प्रेरणात्मक कामों को बताता है वहीं उन्हें भविष्य की चुनौतियों व अवसरों से भी अवगत कराता है।

Aye Mere Pyare Watan
Aye Mere Pyare Watan Song | ऐ मेरे प्यारे वतन

De Di Hame Azadi : ‘ए मेरे प्यारे वतन’ गीत देशभक्ति के उन गिने-चुने गीतों में से एक है जिन्हें सुनकर मन राष्ट्र के प्रति देशभक्ति की भावना से सराबोर हो उठता है। यह गीत प्रथम बार फिल्म काबुलीवाला में सन 1961 में प्रस्तुत किया गया था जोकि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा सन 1892 में लिखित एक बंगाली लघु कहानी ‘काबुलीवाला’ पर आधारित थी। उत्कृष्ट कलाकार बलराज साहनी पर फिल्माया गया यह गीत किसी के भी मन में बसी देशभक्ति की भावना को उस की चरम सीमा तक ले जाने में पूरी तरह सक्षम है।

Titli Udi Ud Jo Chali
Titli Udi Ud Jo Chali | तितली उड़ी उड़ जो चली

Titli Udi Ud Jo Chali : फिल्म ‘सूरज’ (1966) का गीत ‘तितली उड़ी उड़ जो चली’ एक तितली के बारे में कहा गया बहुत ही सुंदर और मनभावन गीत है। गीतकार शैलेंद्र द्वारा लिखे गए इस गीत को संगीतकार शंकर जयकिशन ने संगीतबद्ध किया है तथा गायिका शारदा ने इस गीत को अपनी आवाज से सजाया है।अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्रियों वैजयंती माला व मुमताज पर फिल्माया गया यह गीत वास्तव में बहुत ही जीवंत बन पड़ा है, एक तितली को केंद्र में रखकर लिखा गया यह गीत तितली के मन की इच्छाओं को नारी मन की इच्छाओं से जोड़कर प्रस्तुत करता है।

Chun Chun Karti Aai Chidiya
Chun Chun Karti Aai Chidiya | चुन चुन करती आई चिड़िया

Chun Chun Karti Aai Chidiya : फिल्म ‘अब दिल्ली दूर नहीं’ का गीत ‘चुन चुन करती आई चिड़िया’ मूल रूप से एक बालगीत है जिसमें एक बच्चे को विभिन्न प्रकार के जीव जंतुओं की भाव भंगिमा द्वारा बहलाने व प्रसन्न करने का सार्थक प्रयास किया गया है। सन 1957 में प्रदर्शित इस फिल्म के इस बाल गीत के गीतकार हसरत जयपुरी व संगीतकार दत्ताराम वाडकर थे तथा उस जमाने के सुप्रसिद्ध गायक मोहम्मद रफी ने इस गीत को गाया था।

Hawa Dheere Aana
Hawa Dheere Aana | हवा धीरे आना

Hawa Dheere Aana : फिल्म सुजाता में सजी यह लोरी ‘हवा धीरे आना’ छोटे बच्चों को रात्रि के समय सुलाने के लिए गुनगुनाए जाने वाले प्रसिद्ध गीतों में से एक है। इसमें एक माँ अपनी छोटी बच्ची को एक शांत व अच्छी नींद देने के लिए हवा से धीरे-धीरे चलने की प्रार्थना कर रही है जिससे उसकी बच्ची एक अच्छी निद्रा प्राप्त कर सके। अंतिम पंक्तियों में कहा गया है कि किस प्रकार प्रकृति के आनुसार चंदा मामा सुबह जा कर कहीं छुप जाते है और अपने साथ अपने ढेरो सितारों को भी ले जाते है जिनको देखने के लिए बच्चों को फिर से रात का इंतजार करना पड़ता है।

Other popular rhymes

Other related keywords and search's

Spread the education